नई दिल्ली: यमन में फांसी की सजा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले में भारत सरकार ने कहा है कि वह उनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई है और उनके परिवार की मदद के लिए एक वकील की नियुक्ति भी की गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार निमिषा को हर तरह की सहायता दे रही है और इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि सरकार स्थानीय यमनी अधिकारियों और निमिषा के परिवार के संपर्क में है ताकि कोई पारस्परिक समाधान निकाला जा सके। इसके लिए हाल ही में परिवार को अधिक समय देने के प्रयास भी किए गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार कुछ मित्र देशों से भी इस विषय पर बातचीत कर रही है और हम मामले को सुलझाने के हर विकल्प पर विचार कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर भारत के सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें केंद्र सरकार ने कहा कि यह मामला चूंकि विदेशी न्याय क्षेत्र का है, इसलिए भारत की भूमिका सीमित है।
बता दें कि निमिषा प्रिया पिछले आठ वर्षों से यमन की जेल में बंद हैं, और उन्हें वहां की सर्वोच्च अदालत ने हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई थी। तमाम राजनयिक कोशिशों के बावजूद 16 जुलाई, 2025 को फांसी की तारीख तय की गई थी, जिसे फिलहाल टाल दिया गया है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि वे निमिषा प्रिया की जान बचाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।